ऐसो चटक मटक सो ठाकुर के लिए वेब पोस्टर भजन

ऐसो चटक मटक सो ठाकुर (Aiso Chatak Matak So Thakur Lyrics in Hindi) - पूरे लिरिक्स, भाव और गायन जानकारी

ऐसो चटक मटक सो ठाकुर श्रीकृष्ण की भक्ति में गाया जाने वाला लोकप्रिय भजन है। इसे विशेष रूप से जन्माष्टमी, कीर्तन और रास उत्सव के समय श्रद्धा से गाया जाता है।

ऐसो चटक मटक सो ठाकुर के बोल भक्त के मन में विनम्रता, स्मरण और समर्पण का भाव जगाते हैं। यह भजन श्रीकृष्ण की आराधना में मधुर भक्ति वातावरण बनाता है।

इसे विशेष रूप से जन्माष्टमी, कीर्तन और रास उत्सव के समय श्रद्धा के साथ गाया जाता है।

भजन उपयोग सूचना

यह भजन-पृष्ठ भक्ति पठन और गीत-संदर्भ और भक्ति-सहयोग के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है। अनेक भजन लोकप्रचलित, पारंपरिक या अलग-अलग प्रस्तुतियों में प्रचलित हो सकते हैं। मूल बोल, पारंपरिक रचना-अधिकार या विशिष्ट प्रस्तुति-अधिकार संबंधित स्रोतों के हो सकते हैं; Hindi Chalisa केवल सुव्यवस्थित भक्ति प्रस्तुति प्रदान करता है।

विषय सूची

  1. ऐसो चटक मटक सो ठाकुर (पूरे बोल)
  2. ऐसो चटक मटक सो ठाकुर का भाव
  3. ऐसो चटक मटक सो ठाकुर कब और कैसे गाएँ
  4. भजन से जुड़ी जानकारी
  5. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
  6. निष्कर्ष
  7. अन्य भजन

ऐसो चटक मटक सो ठाकुर (पूरे बोल)

ऐसो चटक मटक सो ठाकुर

तीनों लोकन हूँ में नाय

ऐसो चटक मटक सो ठाकुर

तीनों लोकन हूँ में नाय

तीनों लोकन हूँ में नाय

तीनों लोकन हूँ में नाय

ऐसो चटक मटक सो ठाकुर

तीनों लोकन हूँ में नाय

तीन ठौर ते टेढ़ो दिखे

नट किसी चलगत यह सीखे

टेड़े नैन चलावे तीखे

सब देवन को देव, सब देवन को देव

ताऊ ये ब्रज में घेरे गाय

ऐसो चटक मटक सो ठाकुर

तीनों लोकन हूँ में नाय

ब्रह्मा मोह कियो पछतायो

दर्शन को शिव ब्रज में आयो

मान इंद्र को दूर भगायो

ऐसो वैभव वारो, ऐसो वैभव वारो

ताऊ ये ब्रज में गारी खाए

ऐसो चटक मटक सो ठाकुर

तीनों लोकन हूँ में नाय

बड़े बड़े असूरन को मारयो

नाग कालिया पकड़ पछाड़ो

सात दिना तक गिरिवर धारयो

ऐसो बलि ताऊ, ऐसो बलि ताऊ

खेलत में ग्वालन पे पीट जाय

ऐसो चटक मटक सो ठाकुर

तीनों लोकन हूँ में नाय

रूप छबीलो है ब्रज सुंदर

बिना बुलाए डोले घर घर

प्रेमी ब्रज गोपीन को चाकर

ऐसो प्रेम बढ्यो, ऐसो प्रेम बढ्यो

माखन की चोरी करवे जाए

ऐसो ऐसो चटक मटक सो ठाकुर

तीनों लोकन हूँ में नाय

ऐसो ऐसो चटक मटक सो ठाकुर

तीनों लोकन हूँ में नाय

तीनों लोकन हूँ में नाय

तीनों लोकन हूँ में नाय

हो सखी, ऐसो चटक मटक सो ठाकुर

तीनों लोकन हूँ में नाय

ऐसो चटक मटक सो ठाकुर

तीनों लोकन हूँ में नाय

ऐसो चटक मटक सो ठाकुर

तीनों लोकन हूँ में नाय

ऐसो चटक मटक सो ठाकुर का भाव

ऐसो चटक मटक सो ठाकुर श्रीकृष्ण की भक्ति में गाया जाने वाला लोकप्रिय भजन है। इसे विशेष रूप से जन्माष्टमी, कीर्तन और रास उत्सव के समय श्रद्धा से गाया जाता है।

ऐसो चटक मटक सो ठाकुर में भक्त और आराध्य के बीच निकटता, विश्वास और भक्ति की सहज अभिव्यक्ति दिखाई देती है। इसके बोल सामूहिक गायन में भी बहुत मधुर लगते हैं और व्यक्तिगत भक्ति में भी मन को स्थिर करते हैं।

भक्ति अनुभव
  • भजन के बोल स्मरण और समर्पण का भाव मजबूत करते हैं।
  • सामूहिक गायन में इसकी लय और भाव भक्तों को जोड़ते हैं।
  • घर, सत्संग और मंदिर में इसे सहज रूप से गाया जा सकता है।

ऐसो चटक मटक सो ठाकुर कब और कैसे गाएँ

भजन गाते समय शुद्ध उच्चारण, सरल लय और श्रद्धा का भाव सबसे अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है।

1. उपयुक्त अवसर

  • जन्माष्टमी, कीर्तन और रास उत्सव के समय यह भजन गाना उपयुक्त रहता है।
  • मंदिर, परिवारिक पूजा, संकीर्तन या भक्तिगीत कार्यक्रम में इसे शामिल किया जा सकता है।

2. गायन की तैयारी

  • भजन से पहले कुछ क्षण शांत बैठकर आराध्य का स्मरण करें।
  • यदि समूह में गा रहे हों तो एक समान लय रखें।
  • भजन के साथ ताली, मंजीरा या साधारण कीर्तन शैली अपनाई जा सकती है।

3. भजन के बाद

  • छोटी प्रार्थना, आरती या नामस्मरण जोड़ना अच्छा माना जाता है।
  • कुछ क्षण शांत मन से आराध्य का ध्यान करें।

भजन से जुड़ी जानकारी

ऐसो चटक मटक सो ठाकुर एक लोकप्रिय भक्ति प्रस्तुति के रूप में अनेक भक्तों द्वारा गाया जाता है।

भजन से जुड़ी जानकारी
भजन प्रकारभजन
आराध्यश्रीकृष्ण
गीत नामAiso Chatak Matak So Thakur
अवसरजन्माष्टमी, कीर्तन और रास उत्सव

ऐसो चटक मटक सो ठाकुर से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऐसो चटक मटक सो ठाकुर किस भाव से गाया जाता है?
ऐसो चटक मटक सो ठाकुर को विनम्रता, श्रद्धा और स्मरण के भाव से गाया जाता है। यह भजन श्रीकृष्ण के प्रति समर्पण और भक्ति को व्यक्त करता है।
ऐसो चटक मटक सो ठाकुर कब गाया जाता है?
ऐसो चटक मटक सो ठाकुर को विशेष रूप से जन्माष्टमी, कीर्तन और रास उत्सव के समय गाया जाता है।
क्या ऐसो चटक मटक सो ठाकुर घर पर भी गाया जा सकता है?
हाँ, ऐसो चटक मटक सो ठाकुर को घर, सत्संग, मंदिर या पारिवारिक पूजा में श्रद्धा के साथ गाया जा सकता है।
क्या ऐसो चटक मटक सो ठाकुर के साथ अन्य पाठ भी किए जा सकते हैं?
भजन के साथ संबंधित आरती, चालीसा, नामस्मरण या छोटी प्रार्थना जोड़ना सामान्य भक्ति परंपरा माना जाता है।

निष्कर्ष

ऐसो चटक मटक सो ठाकुर भजन श्रद्धा, स्मरण और मधुर गायन का सुंदर संगम है। इसके पूरे बोल, भक्ति भाव और गायन अवसर को समझकर इसे अधिक आत्मीयता से गाया जा सकता है।

अन्य भजन पढ़ें

मैं परदेशी हूँ पहली बार आया हूँ (Main Pardesi Hun Pehli Bar Aaya Hun Lyrics in Hindi) - पूरे बोल और भक्ति भावओ मैया तेरा मुझको, दीदार हो जाए (O Maiya Tera Mujhko Deedar Ho Jaye Lyrics in Hindi) - पूरे बोल और भक्ति भावमाधो हम ऐसे, तू ऐसा - शब्द कीर्तन (Madho Hum Aise Tu Aisa Lyrics in Hindi) - पूरे बोल और भक्ति भावधूम मची है धूम माँ के दर (Dhoom Machi Hai Dhoom Maa Ke Dar Lyrics in Hindi) - पूरे बोल और भक्ति भाव
संबंधित लेख

इसी प्रकार के अन्य भजन

भजन
आजु होरी है होरी है आजु होरी है

आजु होरी है होरी है आजु होरी है

आजु होरी है होरी है आजु होरी है के पूरे बोल, भक्ति भाव और गाने का उपयुक्त अवसर हिंदी में पढ़ें।

भजन
ओढ़े लाल लाल चुनरी सिंह पे सवारी माँ आज आई रे : माँ दुर्गा भजन

ओढ़े लाल लाल चुनरी सिंह पे सवारी माँ आज आई रे : माँ दुर्गा भजन

ओढ़े लाल लाल चुनरी सिंह पे सवारी माँ आज आई रे : माँ दुर्गा भजन के पूरे बोल, भक्ति भाव और गाने का उपयुक्त अवसर हिंदी में पढ़ें।

भजन
द्वारे तिहारे बड़ी भीड़ हो जगदम्बे

द्वारे तिहारे बड़ी भीड़ हो जगदम्बे

द्वारे तिहारे बड़ी भीड़ हो जगदम्बे के पूरे बोल, भक्ति भाव और गाने का उपयुक्त अवसर हिंदी में पढ़ें।