भजन
भोले भर देते झोली खाली: शिव भजन (Bhole Bhar Dete Jholi Khali Lyrics in Hindi) - पूरे लिरिक्स, भाव और गायन जानकारी
भोले भर देते झोली खाली: शिव भजन शिव जी की भक्ति में गाया जाने वाला लोकप्रिय भजन है। इसे विशेष रूप से महाशिवरात्रि, सावन और शिव भजन संध्या के समय श्रद्धा से गाया जाता है।
भोले भर देते झोली खाली: शिव भजन के बोल भक्त के मन में विनम्रता, स्मरण और समर्पण का भाव जगाते हैं। यह भजन शिव जी की आराधना में मधुर भक्ति वातावरण बनाता है।
इसे विशेष रूप से महाशिवरात्रि, सावन और शिव भजन संध्या के समय श्रद्धा के साथ गाया जाता है और सोमवार के दिन भी इसे कई भक्त पढ़ते या गाते हैं।
यह भजन-पृष्ठ भक्ति पठन और गीत-संदर्भ और भक्ति-सहयोग के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है। अनेक भजन लोकप्रचलित, पारंपरिक या अलग-अलग प्रस्तुतियों में प्रचलित हो सकते हैं। मूल बोल, पारंपरिक रचना-अधिकार या विशिष्ट प्रस्तुति-अधिकार संबंधित स्रोतों के हो सकते हैं; Hindi Chalisa केवल सुव्यवस्थित भक्ति प्रस्तुति प्रदान करता है।
विषय सूची
भोले भर देते झोली खाली: शिव भजन (पूरे बोल)
मेरे भोलेनाथ भंडारी कहलाते है त्रिपुरारी,
ये जिसपर किरपा कर देते,
भर देते झोली खाली,
मेरे भोलेनाथ भंडारी ॥
अमृत को त्याग के भोले,
ये पी गए विष के प्याले,
नीलकंठ कहलाये ये अमृत देवो में बांटे,
सच है ये तेरी कहानी,
तेरी महिमा सबने जानी,
ये जिसपर किरपा कर देते,
भर देते झोली खाली,
मेरे भोलेनाथ भंडारी ॥
माथे पे चंद्र सजाया,
और जटा पे गंगा बीराजी,
बाघम्बर है तन औढ़े भोला कैलाश का वासी,
ये चमत्कार है दिखलाता,
दुनिया है महिमा गाती,
ये जिसपर किरपा कर देते,
भर देते झोली खाली,
मेरे भोलेनाथ भंडारी ॥
भक्तो की विनती सुनकर,
ये दौड़े दौड़े आते,
जिसकी नईया भी डूब रही ये उसको पार लगाते,
आनंद तेरी महिमा गाये,
तो मिल जायेगी ज्ञाति,
ये जिसपर किरपा कर देते,
भर देते झोली खाली,
मेरे भोलेनाथ भंडारी ॥
भोले भर देते झोली खाली: शिव भजन का भाव
भोले भर देते झोली खाली: शिव भजन शिव जी की भक्ति में गाया जाने वाला लोकप्रिय भजन है। इसे विशेष रूप से महाशिवरात्रि, सावन और शिव भजन संध्या के समय श्रद्धा से गाया जाता है।
भोले भर देते झोली खाली: शिव भजन में भक्त और आराध्य के बीच निकटता, विश्वास और भक्ति की सहज अभिव्यक्ति दिखाई देती है। इसके बोल सामूहिक गायन में भी बहुत मधुर लगते हैं और व्यक्तिगत भक्ति में भी मन को स्थिर करते हैं।
- भजन के बोल स्मरण और समर्पण का भाव मजबूत करते हैं।
- सामूहिक गायन में इसकी लय और भाव भक्तों को जोड़ते हैं।
- घर, सत्संग और मंदिर में इसे सहज रूप से गाया जा सकता है।
भोले भर देते झोली खाली: शिव भजन कब और कैसे गाएँ
भजन गाते समय शुद्ध उच्चारण, सरल लय और श्रद्धा का भाव सबसे अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है।
1. उपयुक्त अवसर
- महाशिवरात्रि, सावन और शिव भजन संध्या के समय यह भजन गाना उपयुक्त रहता है।
- सोमवार के दिन भी कई भक्त इस भजन को विशेष रूप से गाते हैं।
- मंदिर, परिवारिक पूजा, संकीर्तन या भक्तिगीत कार्यक्रम में इसे शामिल किया जा सकता है।
2. गायन की तैयारी
- भजन से पहले कुछ क्षण शांत बैठकर आराध्य का स्मरण करें।
- यदि समूह में गा रहे हों तो एक समान लय रखें।
- भजन के साथ ताली, मंजीरा या साधारण कीर्तन शैली अपनाई जा सकती है।
3. भजन के बाद
- छोटी प्रार्थना, आरती या नामस्मरण जोड़ना अच्छा माना जाता है।
- कुछ क्षण शांत मन से आराध्य का ध्यान करें।
भजन से जुड़ी जानकारी
भोले भर देते झोली खाली: शिव भजन एक लोकप्रिय भक्ति प्रस्तुति के रूप में अनेक भक्तों द्वारा गाया जाता है।
भोले भर देते झोली खाली: शिव भजन से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भोले भर देते झोली खाली: शिव भजन किस भाव से गाया जाता है?
भोले भर देते झोली खाली: शिव भजन कब गाया जाता है?
क्या भोले भर देते झोली खाली: शिव भजन घर पर भी गाया जा सकता है?
क्या भोले भर देते झोली खाली: शिव भजन के साथ अन्य पाठ भी किए जा सकते हैं?
निष्कर्ष
भोले भर देते झोली खाली: शिव भजन भजन श्रद्धा, स्मरण और मधुर गायन का सुंदर संगम है। इसके पूरे बोल, भक्ति भाव और गायन अवसर को समझकर इसे अधिक आत्मीयता से गाया जा सकता है।