भजन
हम शरण तेरी आए है झुकाने को ये सर (Hum Sharan Teri Aaye Hai Jhukane Ko Ye Sar Lyrics in Hindi) - पूरे लिरिक्स, भाव और गायन जानकारी
हम शरण तेरी आए है झुकाने को ये सर श्रीकृष्ण की भक्ति में गाया जाने वाला लोकप्रिय भजन है। इसे विशेष रूप से जन्माष्टमी, कीर्तन और रास उत्सव के समय श्रद्धा से गाया जाता है।
हम शरण तेरी आए है झुकाने को ये सर के बोल भक्त के मन में विनम्रता, स्मरण और समर्पण का भाव जगाते हैं। यह भजन श्रीकृष्ण की आराधना में मधुर भक्ति वातावरण बनाता है।
इसे विशेष रूप से जन्माष्टमी, कीर्तन और रास उत्सव के समय श्रद्धा के साथ गाया जाता है।
यह भजन-पृष्ठ भक्ति पठन और गीत-संदर्भ और भक्ति-सहयोग के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है। अनेक भजन लोकप्रचलित, पारंपरिक या अलग-अलग प्रस्तुतियों में प्रचलित हो सकते हैं। मूल बोल, पारंपरिक रचना-अधिकार या विशिष्ट प्रस्तुति-अधिकार संबंधित स्रोतों के हो सकते हैं; Hindi Chalisa केवल सुव्यवस्थित भक्ति प्रस्तुति प्रदान करता है।
विषय सूची
हम शरण तेरी आए है झुकाने को ये सर (पूरे बोल)
हम शरण तेरी आए है,
झुकाने को ये सर,
कर दो उद्धार प्रभु मेरा,
डाल के इक नजर,
हम शरण तेरी आये है,
झुकाने को ये सर ॥
इक नजर तेरी खिलाती है,
जिन्दगी की कली,
तेरी नजरों से ही होती है,
रोशन हर गली,
मुझको ये आस है,
मुझपे भी होगी तेरी मेहर,
हम शरण तेरी आये है,
झुकाने को ये सर ॥
हारने वालों को बस एक,
ठिकाना है तेरा,
जिसको बस एक सहारा है,
प्रभु एक तेरा,
उसपे पड़ जाती है,
बाबा तेरी दीदारे नजर,
हम शरण तेरी आये है,
झुकाने को ये सर ॥
गलती जो भी करी है मैंने,
उसे मानता हूँ,
तेरे दरबार के बारे में,
थोडा जानता हूँ,
थाम लो हाथ प्रभु मेरा,
ले लो मेरी खबर,
हम शरण तेरी आये है,
झुकाने को ये सर ॥
हम शरण तेरी आए है,
झुकाने को ये सर,
कर दो उद्धार प्रभु मेरा,
डाल के इक नजर,
हम शरण तेरी आये है,
झुकाने को ये सर ॥
हम शरण तेरी आए है झुकाने को ये सर का भाव
हम शरण तेरी आए है झुकाने को ये सर श्रीकृष्ण की भक्ति में गाया जाने वाला लोकप्रिय भजन है। इसे विशेष रूप से जन्माष्टमी, कीर्तन और रास उत्सव के समय श्रद्धा से गाया जाता है।
हम शरण तेरी आए है झुकाने को ये सर में भक्त और आराध्य के बीच निकटता, विश्वास और भक्ति की सहज अभिव्यक्ति दिखाई देती है। इसके बोल सामूहिक गायन में भी बहुत मधुर लगते हैं और व्यक्तिगत भक्ति में भी मन को स्थिर करते हैं।
- भजन के बोल स्मरण और समर्पण का भाव मजबूत करते हैं।
- सामूहिक गायन में इसकी लय और भाव भक्तों को जोड़ते हैं।
- घर, सत्संग और मंदिर में इसे सहज रूप से गाया जा सकता है।
हम शरण तेरी आए है झुकाने को ये सर कब और कैसे गाएँ
भजन गाते समय शुद्ध उच्चारण, सरल लय और श्रद्धा का भाव सबसे अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है।
1. उपयुक्त अवसर
- जन्माष्टमी, कीर्तन और रास उत्सव के समय यह भजन गाना उपयुक्त रहता है।
- मंदिर, परिवारिक पूजा, संकीर्तन या भक्तिगीत कार्यक्रम में इसे शामिल किया जा सकता है।
2. गायन की तैयारी
- भजन से पहले कुछ क्षण शांत बैठकर आराध्य का स्मरण करें।
- यदि समूह में गा रहे हों तो एक समान लय रखें।
- भजन के साथ ताली, मंजीरा या साधारण कीर्तन शैली अपनाई जा सकती है।
3. भजन के बाद
- छोटी प्रार्थना, आरती या नामस्मरण जोड़ना अच्छा माना जाता है।
- कुछ क्षण शांत मन से आराध्य का ध्यान करें।
भजन से जुड़ी जानकारी
हम शरण तेरी आए है झुकाने को ये सर एक लोकप्रिय भक्ति प्रस्तुति के रूप में अनेक भक्तों द्वारा गाया जाता है।
हम शरण तेरी आए है झुकाने को ये सर से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हम शरण तेरी आए है झुकाने को ये सर किस भाव से गाया जाता है?
हम शरण तेरी आए है झुकाने को ये सर कब गाया जाता है?
क्या हम शरण तेरी आए है झुकाने को ये सर घर पर भी गाया जा सकता है?
क्या हम शरण तेरी आए है झुकाने को ये सर के साथ अन्य पाठ भी किए जा सकते हैं?
निष्कर्ष
हम शरण तेरी आए है झुकाने को ये सर भजन श्रद्धा, स्मरण और मधुर गायन का सुंदर संगम है। इसके पूरे बोल, भक्ति भाव और गायन अवसर को समझकर इसे अधिक आत्मीयता से गाया जा सकता है।