इक दिन वो भोले भंडारी बन करके ब्रज की नारी के लिए वेब पोस्टर भजन

इक दिन वो भोले भंडारी बन करके ब्रज की नारी (Ik Din Vo Bhole Bhandari Banke Braj Ki Nari Lyrics in Hindi) - पूरे लिरिक्स, भाव और गायन जानकारी

इक दिन वो भोले भंडारी बन करके ब्रज की नारी शिव जी की भक्ति में गाया जाने वाला लोकप्रिय भजन है। इसे विशेष रूप से महाशिवरात्रि, सावन और शिव भजन संध्या के समय श्रद्धा से गाया जाता है।

इक दिन वो भोले भंडारी बन करके ब्रज की नारी के बोल भक्त के मन में विनम्रता, स्मरण और समर्पण का भाव जगाते हैं। यह भजन शिव जी की आराधना में मधुर भक्ति वातावरण बनाता है।

इसे विशेष रूप से महाशिवरात्रि, सावन और शिव भजन संध्या के समय श्रद्धा के साथ गाया जाता है और सोमवार के दिन भी इसे कई भक्त पढ़ते या गाते हैं।

भजन उपयोग सूचना

यह भजन-पृष्ठ भक्ति पठन और गीत-संदर्भ और भक्ति-सहयोग के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है। अनेक भजन लोकप्रचलित, पारंपरिक या अलग-अलग प्रस्तुतियों में प्रचलित हो सकते हैं। मूल बोल, पारंपरिक रचना-अधिकार या विशिष्ट प्रस्तुति-अधिकार संबंधित स्रोतों के हो सकते हैं; Hindi Chalisa केवल सुव्यवस्थित भक्ति प्रस्तुति प्रदान करता है।

विषय सूची

  1. इक दिन वो भोले भंडारी बन करके ब्रज की नारी (पूरे बोल)
  2. इक दिन वो भोले भंडारी बन करके ब्रज की नारी का भाव
  3. इक दिन वो भोले भंडारी बन करके ब्रज की नारी कब और कैसे गाएँ
  4. भजन से जुड़ी जानकारी
  5. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
  6. निष्कर्ष
  7. अन्य भजन

इक दिन वो भोले भंडारी बन करके ब्रज की नारी (पूरे बोल)

इक दिन वो भोले भंडारी,

बन करके ब्रज की नारी,

ब्रज/वृंदावन* में आ गए ।

पार्वती भी मना के हारी,

ना माने त्रिपुरारी,

ब्रज में आ गए ।

पार्वती से बोले,

मैं भी चलूँगा तेरे संग में

राधा संग श्याम नाचे,

मैं भी नाचूँगा तेरे संग में

रास रचेगा ब्रज मैं भारी,

हमे दिखादो प्यारी, ब्रज में आ गए ।

इक दिन वो भोले भंडारी...॥

ओ मेरे भोले स्वामी,

कैसे ले जाऊं अपने संग में

श्याम के सिवा वहां,

पुरुष ना जाए उस रास में

हंसी करेगी ब्रज की नारी,

मानो बात हमारी, ब्रज में आ गए ।

इक दिन वो भोले भंडारी...॥

ऐसा बना दो मोहे,

कोई ना जाने एस राज को

मैं हूँ सहेली तेरी,

ऐसा बताना ब्रज राज को

बना के जुड़ा पहन के साड़ी,

चाल चले मतवाली, ब्रज में आ गए ।

इक दिन वो भोले भंडारी...॥

हंस के सत्ती ने कहा,

बलिहारी जाऊं इस रूप में

इक दिन तुम्हारे लिए,

आये मुरारी इस रूप मैं

मोहिनी रूप बनाया मुरारी,

अब है तुम्हारी बारी, ब्रज में आ गए ।

॥ इक दिन वो भोले भंडारी...॥

देखा मोहन ने,

समझ गये वो सारी बात रे

ऐसी बजाई बंसी,

सुध बुध भूले भोलेनाथ रे

सिर से खिसक गयी जब साड़ी,

मुस्काये गिरधारी, ब्रज में आ गए ।

॥ इक दिन वो भोले भंडारी...॥

दीनदयाल तेरा तब से,

गोपेश्वर हुआ नाम रे

ओ भोले बाबा तेरा,

वृन्दावन बना धाम रे

भक्त कहे ओ त्रिपुरारी,

राखो लाज हमारी, ब्रज में आ गए ।

इक दिन वो भोले भंडारी,

बन करके ब्रज की नारी,

ब्रज में आ गए ।

पार्वती भी मना के हारी,

ना माने त्रिपुरारी,

ब्रज में आ गए ।

* भजन मे ब्रज या वृंदावन का नाम अलग अलग भजनकार लेते हैं।

इक दिन वो भोले भंडारी बन करके ब्रज की नारी का भाव

इक दिन वो भोले भंडारी बन करके ब्रज की नारी शिव जी की भक्ति में गाया जाने वाला लोकप्रिय भजन है। इसे विशेष रूप से महाशिवरात्रि, सावन और शिव भजन संध्या के समय श्रद्धा से गाया जाता है।

इक दिन वो भोले भंडारी बन करके ब्रज की नारी में भक्त और आराध्य के बीच निकटता, विश्वास और भक्ति की सहज अभिव्यक्ति दिखाई देती है। इसके बोल सामूहिक गायन में भी बहुत मधुर लगते हैं और व्यक्तिगत भक्ति में भी मन को स्थिर करते हैं।

भक्ति अनुभव
  • भजन के बोल स्मरण और समर्पण का भाव मजबूत करते हैं।
  • सामूहिक गायन में इसकी लय और भाव भक्तों को जोड़ते हैं।
  • घर, सत्संग और मंदिर में इसे सहज रूप से गाया जा सकता है।

इक दिन वो भोले भंडारी बन करके ब्रज की नारी कब और कैसे गाएँ

भजन गाते समय शुद्ध उच्चारण, सरल लय और श्रद्धा का भाव सबसे अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है।

1. उपयुक्त अवसर

  • महाशिवरात्रि, सावन और शिव भजन संध्या के समय यह भजन गाना उपयुक्त रहता है।
  • सोमवार के दिन भी कई भक्त इस भजन को विशेष रूप से गाते हैं।
  • मंदिर, परिवारिक पूजा, संकीर्तन या भक्तिगीत कार्यक्रम में इसे शामिल किया जा सकता है।

2. गायन की तैयारी

  • भजन से पहले कुछ क्षण शांत बैठकर आराध्य का स्मरण करें।
  • यदि समूह में गा रहे हों तो एक समान लय रखें।
  • भजन के साथ ताली, मंजीरा या साधारण कीर्तन शैली अपनाई जा सकती है।

3. भजन के बाद

  • छोटी प्रार्थना, आरती या नामस्मरण जोड़ना अच्छा माना जाता है।
  • कुछ क्षण शांत मन से आराध्य का ध्यान करें।

भजन से जुड़ी जानकारी

इक दिन वो भोले भंडारी बन करके ब्रज की नारी एक लोकप्रिय भक्ति प्रस्तुति के रूप में अनेक भक्तों द्वारा गाया जाता है।

भजन से जुड़ी जानकारी
भजन प्रकारभजन
आराध्यशिव जी
गीत नामIk Din Vo Bhole Bhandari Banke Braj Ki Nari
अवसरमहाशिवरात्रि, सावन और शिव भजन संध्या

इक दिन वो भोले भंडारी बन करके ब्रज की नारी से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इक दिन वो भोले भंडारी बन करके ब्रज की नारी किस भाव से गाया जाता है?
इक दिन वो भोले भंडारी बन करके ब्रज की नारी को विनम्रता, श्रद्धा और स्मरण के भाव से गाया जाता है। यह भजन शिव जी के प्रति समर्पण और भक्ति को व्यक्त करता है।
इक दिन वो भोले भंडारी बन करके ब्रज की नारी कब गाया जाता है?
इक दिन वो भोले भंडारी बन करके ब्रज की नारी को विशेष रूप से सोमवार तथा महाशिवरात्रि, सावन और शिव भजन संध्या के समय गाया जाता है।
क्या इक दिन वो भोले भंडारी बन करके ब्रज की नारी घर पर भी गाया जा सकता है?
हाँ, इक दिन वो भोले भंडारी बन करके ब्रज की नारी को घर, सत्संग, मंदिर या पारिवारिक पूजा में श्रद्धा के साथ गाया जा सकता है।
क्या इक दिन वो भोले भंडारी बन करके ब्रज की नारी के साथ अन्य पाठ भी किए जा सकते हैं?
भजन के साथ संबंधित आरती, चालीसा, नामस्मरण या छोटी प्रार्थना जोड़ना सामान्य भक्ति परंपरा माना जाता है।

निष्कर्ष

इक दिन वो भोले भंडारी बन करके ब्रज की नारी भजन श्रद्धा, स्मरण और मधुर गायन का सुंदर संगम है। इसके पूरे बोल, भक्ति भाव और गायन अवसर को समझकर इसे अधिक आत्मीयता से गाया जा सकता है।

अन्य भजन पढ़ें

मैं परदेशी हूँ पहली बार आया हूँ (Main Pardesi Hun Pehli Bar Aaya Hun Lyrics in Hindi) - पूरे बोल और भक्ति भावओ मैया तेरा मुझको, दीदार हो जाए (O Maiya Tera Mujhko Deedar Ho Jaye Lyrics in Hindi) - पूरे बोल और भक्ति भावमाधो हम ऐसे, तू ऐसा - शब्द कीर्तन (Madho Hum Aise Tu Aisa Lyrics in Hindi) - पूरे बोल और भक्ति भावधूम मची है धूम माँ के दर (Dhoom Machi Hai Dhoom Maa Ke Dar Lyrics in Hindi) - पूरे बोल और भक्ति भाव
संबंधित लेख

इसी प्रकार के अन्य भजन

भजन
आजु होरी है होरी है आजु होरी है

आजु होरी है होरी है आजु होरी है

आजु होरी है होरी है आजु होरी है के पूरे बोल, भक्ति भाव और गाने का उपयुक्त अवसर हिंदी में पढ़ें।

भजन
ओढ़े लाल लाल चुनरी सिंह पे सवारी माँ आज आई रे : माँ दुर्गा भजन

ओढ़े लाल लाल चुनरी सिंह पे सवारी माँ आज आई रे : माँ दुर्गा भजन

ओढ़े लाल लाल चुनरी सिंह पे सवारी माँ आज आई रे : माँ दुर्गा भजन के पूरे बोल, भक्ति भाव और गाने का उपयुक्त अवसर हिंदी में पढ़ें।

भजन
द्वारे तिहारे बड़ी भीड़ हो जगदम्बे

द्वारे तिहारे बड़ी भीड़ हो जगदम्बे

द्वारे तिहारे बड़ी भीड़ हो जगदम्बे के पूरे बोल, भक्ति भाव और गाने का उपयुक्त अवसर हिंदी में पढ़ें।