भजन
माँ मैं खड़ा द्वारे पे पल पल (Maa Main Khada Dwar Tere Lyrics in Hindi) - पूरे लिरिक्स, भाव और गायन जानकारी
माँ मैं खड़ा द्वारे पे पल पल माता रानी की भक्ति में गाया जाने वाला लोकप्रिय भजन है। इसे विशेष रूप से नवरात्रि, जागरण और माता की चौकी के समय श्रद्धा से गाया जाता है।
माँ मैं खड़ा द्वारे पे पल पल के बोल भक्त के मन में विनम्रता, स्मरण और समर्पण का भाव जगाते हैं। यह भजन माता रानी की आराधना में मधुर भक्ति वातावरण बनाता है।
इसे विशेष रूप से नवरात्रि, जागरण और माता की चौकी के समय श्रद्धा के साथ गाया जाता है और शुक्रवार के दिन भी इसे कई भक्त पढ़ते या गाते हैं।
यह भजन-पृष्ठ भक्ति पठन और गीत-संदर्भ और भक्ति-सहयोग के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है। अनेक भजन लोकप्रचलित, पारंपरिक या अलग-अलग प्रस्तुतियों में प्रचलित हो सकते हैं। मूल बोल, पारंपरिक रचना-अधिकार या विशिष्ट प्रस्तुति-अधिकार संबंधित स्रोतों के हो सकते हैं; Hindi Chalisa केवल सुव्यवस्थित भक्ति प्रस्तुति प्रदान करता है।
विषय सूची
माँ मैं खड़ा द्वारे पे पल पल (पूरे बोल)
[ तेरे दरबार का पाने नज़ारा,
मैं भी आया हू,
ज़रा देदो माँ चरणों मे सहारा,
मैं भी आया हूँ,
सुना है दर पे तेरे इस जहाँ की,
हर खुशी मिलती,
जगा दो सोई किस्मत का सितारा,
मैं भी आया हूँ ]
तू जो दया ज़रा सी करदे,
सर पे हाथ मेरे माँ धर दे,
हो जाये दुखड़े दूर,
कट जाये हर एक विपदा मेरी,
मैं खड़ा द्वारे पे पल पल,
करू मैं विनती तेरी,
माँ मैं खड़ा द्वारे पे पल पल,
करू मैं विनती तेरी ॥
तेरी किरपा हो जाये,
बिगड़े काम बने सब मैया,
मैं रब को ना मानु,
मेरे लिए तू ही रब मैया,
तेरी ज्योत जगे दिन,
दुनिया माने शक्ति तेरी,
मैं खड़ा द्वारे पे पल पल,
करू मैं विनती तेरी ॥
कहते है तेरे दिल में,
नदिया ममता की है बहती,
करे प्यार दुलार बड़ा,
तू भक्तो के अंग संग रहती,
तेरी दया का अंत नहीं,
करदे दूर मुसीबत मेरी,
मैं खड़ा द्वारे पे पल पल,
करू मैं विनती तेरी ॥
मूरख अज्ञानी हूँ,
मुझको ज्ञान नहीं है कोई,
तेरी महिमा क्या जानूं,
पूजा ध्यान नहीं है कोई,
गर खोल से अंखिया तू,
फिर तो खुल जाए किस्मत मेरी,
मैं खड़ा द्वारे पे पल पल,
करू मैं विनती तेरी ॥
जग जननी ऐ माता,
ज्योतो वाली शेरो वाली,
तू चाहे तो भर दे पल में,
भक्त की खाली झोली,
कहे फिर तू भवरों में,
नैया फसी है नैया मेरी,
मैं खड़ा द्वारे पे पल पल,
करू मैं विनती तेरी ॥
तू जो दया ज़रा सी करदे,
सर पे हाथ मेरे माँ धर दे,
हो जाये दुखड़े दूर,
कट जाये हर एक विपदा मेरी,
मैं खड़ा द्वारे पे पल पल,
करू मैं विनती तेरी,
माँ मैं खड़ा द्वारे पे पल पल,
करू मैं विनती तेरी ॥
माँ मैं खड़ा द्वारे पे पल पल का भाव
माँ मैं खड़ा द्वारे पे पल पल माता रानी की भक्ति में गाया जाने वाला लोकप्रिय भजन है। इसे विशेष रूप से नवरात्रि, जागरण और माता की चौकी के समय श्रद्धा से गाया जाता है।
माँ मैं खड़ा द्वारे पे पल पल में भक्त और आराध्य के बीच निकटता, विश्वास और भक्ति की सहज अभिव्यक्ति दिखाई देती है। इसके बोल सामूहिक गायन में भी बहुत मधुर लगते हैं और व्यक्तिगत भक्ति में भी मन को स्थिर करते हैं।
- भजन के बोल स्मरण और समर्पण का भाव मजबूत करते हैं।
- सामूहिक गायन में इसकी लय और भाव भक्तों को जोड़ते हैं।
- घर, सत्संग और मंदिर में इसे सहज रूप से गाया जा सकता है।
माँ मैं खड़ा द्वारे पे पल पल कब और कैसे गाएँ
भजन गाते समय शुद्ध उच्चारण, सरल लय और श्रद्धा का भाव सबसे अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है।
1. उपयुक्त अवसर
- नवरात्रि, जागरण और माता की चौकी के समय यह भजन गाना उपयुक्त रहता है।
- शुक्रवार के दिन भी कई भक्त इस भजन को विशेष रूप से गाते हैं।
- मंदिर, परिवारिक पूजा, संकीर्तन या भक्तिगीत कार्यक्रम में इसे शामिल किया जा सकता है।
2. गायन की तैयारी
- भजन से पहले कुछ क्षण शांत बैठकर आराध्य का स्मरण करें।
- यदि समूह में गा रहे हों तो एक समान लय रखें।
- भजन के साथ ताली, मंजीरा या साधारण कीर्तन शैली अपनाई जा सकती है।
3. भजन के बाद
- छोटी प्रार्थना, आरती या नामस्मरण जोड़ना अच्छा माना जाता है।
- कुछ क्षण शांत मन से आराध्य का ध्यान करें।
भजन से जुड़ी जानकारी
माँ मैं खड़ा द्वारे पे पल पल एक लोकप्रिय भक्ति प्रस्तुति के रूप में अनेक भक्तों द्वारा गाया जाता है।
माँ मैं खड़ा द्वारे पे पल पल से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
माँ मैं खड़ा द्वारे पे पल पल किस भाव से गाया जाता है?
माँ मैं खड़ा द्वारे पे पल पल कब गाया जाता है?
क्या माँ मैं खड़ा द्वारे पे पल पल घर पर भी गाया जा सकता है?
क्या माँ मैं खड़ा द्वारे पे पल पल के साथ अन्य पाठ भी किए जा सकते हैं?
निष्कर्ष
माँ मैं खड़ा द्वारे पे पल पल भजन श्रद्धा, स्मरण और मधुर गायन का सुंदर संगम है। इसके पूरे बोल, भक्ति भाव और गायन अवसर को समझकर इसे अधिक आत्मीयता से गाया जा सकता है।