भजन
मेरा दिल अटका तेरी मूरत पे (Mera Dil Atka Teri Murat Pe Lyrics in Hindi) - पूरे लिरिक्स, भाव और गायन जानकारी
मेरा दिल अटका तेरी मूरत पे माता रानी की भक्ति में गाया जाने वाला लोकप्रिय भजन है। इसे विशेष रूप से नवरात्रि, जागरण और माता की चौकी के समय श्रद्धा से गाया जाता है।
मेरा दिल अटका तेरी मूरत पे के बोल भक्त के मन में विनम्रता, स्मरण और समर्पण का भाव जगाते हैं। यह भजन माता रानी की आराधना में मधुर भक्ति वातावरण बनाता है।
इसे विशेष रूप से नवरात्रि, जागरण और माता की चौकी के समय श्रद्धा के साथ गाया जाता है और शुक्रवार के दिन भी इसे कई भक्त पढ़ते या गाते हैं।
यह भजन-पृष्ठ भक्ति पठन और गीत-संदर्भ और भक्ति-सहयोग के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है। अनेक भजन लोकप्रचलित, पारंपरिक या अलग-अलग प्रस्तुतियों में प्रचलित हो सकते हैं। मूल बोल, पारंपरिक रचना-अधिकार या विशिष्ट प्रस्तुति-अधिकार संबंधित स्रोतों के हो सकते हैं; Hindi Chalisa केवल सुव्यवस्थित भक्ति प्रस्तुति प्रदान करता है।
विषय सूची
मेरा दिल अटका तेरी मूरत पे (पूरे बोल)
मेरा दिल अटका तेरी मूरत पे,
मुझको तो किसी की खबर नही ॥
जब से देखा है मैने तुझे,
दिल तेरा दीवाना हो ही गया,
जब से देखा है मैने तुझे,
दिल तेरा दीवाना हो ही गया ॥
मेरे नैनो,
मेरे नैनो को अब तेरे सिवा,
कुछ और तो आता नज़र नही,
मेरा दिल अटका तेरी मूरत पे,
मुझको तो किसी की खबर नही ॥
क्या क्या महिमा बतलाऊँ मैं,
कैसे दिल की बात बताऊँ मैं,
क्या क्या महिमा बतलाऊँ मैं,
कैसे दिल की बात बताऊँ मैं ॥
मेरा बहुत,
मेरा बहुत पुराना नाता है,
मुझपे तो किसी का असर नहीं,
मेरा दिल अटका तेरी मूरत पे,
मुझको तो किसी की खबर नही ॥
जो होगा देखा जाएगा,
अब हम तो रहेंगे चरणों में,
जो होगा देखा जाएगा,
अब हम तो रहेंगे चरणों में ॥
अब भला,
अब भला बुरा माँ क्या सोचे,
हमको तो चिंता फिकर नही,
मेरा दिल अटका तेरी मूरत पे,
मुझको तो किसी की खबर नही ॥
जब इतना कुछ हो जाता है,
दिल मेरा मचलने लगता है,
जब इतना कुछ हो जाता है,
दिल मेरा मचलने लगता है ॥
मिलने को,
मिलने को तड़पड़े मैय्या से,
रहती फिर माँ को सबर नही,
मेरा दिल अटका तेरी मूरत पे,
मुझको तो किसी की खबर नही ॥
मेरा दिल अटका तेरी मूरत पे का भाव
मेरा दिल अटका तेरी मूरत पे माता रानी की भक्ति में गाया जाने वाला लोकप्रिय भजन है। इसे विशेष रूप से नवरात्रि, जागरण और माता की चौकी के समय श्रद्धा से गाया जाता है।
मेरा दिल अटका तेरी मूरत पे में भक्त और आराध्य के बीच निकटता, विश्वास और भक्ति की सहज अभिव्यक्ति दिखाई देती है। इसके बोल सामूहिक गायन में भी बहुत मधुर लगते हैं और व्यक्तिगत भक्ति में भी मन को स्थिर करते हैं।
- भजन के बोल स्मरण और समर्पण का भाव मजबूत करते हैं।
- सामूहिक गायन में इसकी लय और भाव भक्तों को जोड़ते हैं।
- घर, सत्संग और मंदिर में इसे सहज रूप से गाया जा सकता है।
मेरा दिल अटका तेरी मूरत पे कब और कैसे गाएँ
भजन गाते समय शुद्ध उच्चारण, सरल लय और श्रद्धा का भाव सबसे अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है।
1. उपयुक्त अवसर
- नवरात्रि, जागरण और माता की चौकी के समय यह भजन गाना उपयुक्त रहता है।
- शुक्रवार के दिन भी कई भक्त इस भजन को विशेष रूप से गाते हैं।
- मंदिर, परिवारिक पूजा, संकीर्तन या भक्तिगीत कार्यक्रम में इसे शामिल किया जा सकता है।
2. गायन की तैयारी
- भजन से पहले कुछ क्षण शांत बैठकर आराध्य का स्मरण करें।
- यदि समूह में गा रहे हों तो एक समान लय रखें।
- भजन के साथ ताली, मंजीरा या साधारण कीर्तन शैली अपनाई जा सकती है।
3. भजन के बाद
- छोटी प्रार्थना, आरती या नामस्मरण जोड़ना अच्छा माना जाता है।
- कुछ क्षण शांत मन से आराध्य का ध्यान करें।
भजन से जुड़ी जानकारी
मेरा दिल अटका तेरी मूरत पे एक लोकप्रिय भक्ति प्रस्तुति के रूप में अनेक भक्तों द्वारा गाया जाता है।
मेरा दिल अटका तेरी मूरत पे से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मेरा दिल अटका तेरी मूरत पे किस भाव से गाया जाता है?
मेरा दिल अटका तेरी मूरत पे कब गाया जाता है?
क्या मेरा दिल अटका तेरी मूरत पे घर पर भी गाया जा सकता है?
क्या मेरा दिल अटका तेरी मूरत पे के साथ अन्य पाठ भी किए जा सकते हैं?
निष्कर्ष
मेरा दिल अटका तेरी मूरत पे भजन श्रद्धा, स्मरण और मधुर गायन का सुंदर संगम है। इसके पूरे बोल, भक्ति भाव और गायन अवसर को समझकर इसे अधिक आत्मीयता से गाया जा सकता है।