भजन
प्रभु राम भी ऋणी है (Prabhu Ram Bhi Rini Hai Lyrics in Hindi) - पूरे लिरिक्स, भाव और गायन जानकारी
प्रभु राम भी ऋणी है हनुमान जी की भक्ति में गाया जाने वाला लोकप्रिय भजन है। इसे विशेष रूप से हनुमान जयंती, सुंदरकांड पाठ और भजन संध्या के समय श्रद्धा से गाया जाता है।
प्रभु राम भी ऋणी है के बोल भक्त के मन में विनम्रता, स्मरण और समर्पण का भाव जगाते हैं। यह भजन हनुमान जी की आराधना में मधुर भक्ति वातावरण बनाता है।
इसे विशेष रूप से हनुमान जयंती, सुंदरकांड पाठ और भजन संध्या के समय श्रद्धा के साथ गाया जाता है और मंगलवार, शनिवार के दिन भी इसे कई भक्त पढ़ते या गाते हैं।
यह भजन-पृष्ठ भक्ति पठन और गीत-संदर्भ और भक्ति-सहयोग के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है। अनेक भजन लोकप्रचलित, पारंपरिक या अलग-अलग प्रस्तुतियों में प्रचलित हो सकते हैं। मूल बोल, पारंपरिक रचना-अधिकार या विशिष्ट प्रस्तुति-अधिकार संबंधित स्रोतों के हो सकते हैं; Hindi Chalisa केवल सुव्यवस्थित भक्ति प्रस्तुति प्रदान करता है।
विषय सूची
प्रभु राम भी ऋणी है (पूरे बोल)
पवन तनय संकट हरण, मंगल मूर्ती रूप।
राम लखन सीता सहित,
हृदय बसहुँ सुर भूप॥
प्रभु राम भी ऋणी है हनुमान जी तुम्हारे।
सब काम राम जी के, तुमने सदा संवारे॥
प्रभु राम भी ऋणी है...
तुमने ही राम जी से सुग्रीव थे मिलाए।
सुध मां सिया की लेकर लंका से तुम ही आए॥
महावीर सारे संकट राघव के तुमने टारे॥
श्री राम नाम लिखकर पत्थर ना तुम तैराते।
सागर पे वीर हनुमत सेतु ना तुम बनाते॥
करते चढ़ाई कैसे लंका पर वीर सारे॥
प्रभु राम भी ऋणी है...
श्री राम और लखन को पाताल से छुड़ाया।
अभिमान अहिरावण का कपि आपने मिटाया॥
की राम जी की रक्षा चुन चुनके दुष्ट मारे।
प्रभु राम भी ऋणी है हनुमान जी तुम्हारे।
सब काम राम जी के तुमने सदा संवारे॥
प्रभु राम भी ऋणी है का भाव
प्रभु राम भी ऋणी है हनुमान जी की भक्ति में गाया जाने वाला लोकप्रिय भजन है। इसे विशेष रूप से हनुमान जयंती, सुंदरकांड पाठ और भजन संध्या के समय श्रद्धा से गाया जाता है।
प्रभु राम भी ऋणी है में भक्त और आराध्य के बीच निकटता, विश्वास और भक्ति की सहज अभिव्यक्ति दिखाई देती है। इसके बोल सामूहिक गायन में भी बहुत मधुर लगते हैं और व्यक्तिगत भक्ति में भी मन को स्थिर करते हैं।
- भजन के बोल स्मरण और समर्पण का भाव मजबूत करते हैं।
- सामूहिक गायन में इसकी लय और भाव भक्तों को जोड़ते हैं।
- घर, सत्संग और मंदिर में इसे सहज रूप से गाया जा सकता है।
प्रभु राम भी ऋणी है कब और कैसे गाएँ
भजन गाते समय शुद्ध उच्चारण, सरल लय और श्रद्धा का भाव सबसे अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है।
1. उपयुक्त अवसर
- हनुमान जयंती, सुंदरकांड पाठ और भजन संध्या के समय यह भजन गाना उपयुक्त रहता है।
- मंगलवार, शनिवार के दिन भी कई भक्त इस भजन को विशेष रूप से गाते हैं।
- मंदिर, परिवारिक पूजा, संकीर्तन या भक्तिगीत कार्यक्रम में इसे शामिल किया जा सकता है।
2. गायन की तैयारी
- भजन से पहले कुछ क्षण शांत बैठकर आराध्य का स्मरण करें।
- यदि समूह में गा रहे हों तो एक समान लय रखें।
- भजन के साथ ताली, मंजीरा या साधारण कीर्तन शैली अपनाई जा सकती है।
3. भजन के बाद
- छोटी प्रार्थना, आरती या नामस्मरण जोड़ना अच्छा माना जाता है।
- कुछ क्षण शांत मन से आराध्य का ध्यान करें।
भजन से जुड़ी जानकारी
प्रभु राम भी ऋणी है एक लोकप्रिय भक्ति प्रस्तुति के रूप में अनेक भक्तों द्वारा गाया जाता है।
प्रभु राम भी ऋणी है से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रभु राम भी ऋणी है किस भाव से गाया जाता है?
प्रभु राम भी ऋणी है कब गाया जाता है?
क्या प्रभु राम भी ऋणी है घर पर भी गाया जा सकता है?
क्या प्रभु राम भी ऋणी है के साथ अन्य पाठ भी किए जा सकते हैं?
निष्कर्ष
प्रभु राम भी ऋणी है भजन श्रद्धा, स्मरण और मधुर गायन का सुंदर संगम है। इसके पूरे बोल, भक्ति भाव और गायन अवसर को समझकर इसे अधिक आत्मीयता से गाया जा सकता है।