भजन
सब मिल कर मंगल गाओ, आज है जगराता (Sab Milkar Mangal Gao Aaj Hai Jagrata Lyrics in Hindi) - पूरे लिरिक्स, भाव और गायन जानकारी
सब मिल कर मंगल गाओ, आज है जगराता माता रानी की भक्ति में गाया जाने वाला लोकप्रिय भजन है। इसे विशेष रूप से नवरात्रि, जागरण और माता की चौकी के समय श्रद्धा से गाया जाता है।
सब मिल कर मंगल गाओ, आज है जगराता के बोल भक्त के मन में विनम्रता, स्मरण और समर्पण का भाव जगाते हैं। यह भजन माता रानी की आराधना में मधुर भक्ति वातावरण बनाता है।
इसे विशेष रूप से नवरात्रि, जागरण और माता की चौकी के समय श्रद्धा के साथ गाया जाता है और शुक्रवार के दिन भी इसे कई भक्त पढ़ते या गाते हैं।
यह भजन-पृष्ठ भक्ति पठन और गीत-संदर्भ और भक्ति-सहयोग के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है। अनेक भजन लोकप्रचलित, पारंपरिक या अलग-अलग प्रस्तुतियों में प्रचलित हो सकते हैं। मूल बोल, पारंपरिक रचना-अधिकार या विशिष्ट प्रस्तुति-अधिकार संबंधित स्रोतों के हो सकते हैं; Hindi Chalisa केवल सुव्यवस्थित भक्ति प्रस्तुति प्रदान करता है।
विषय सूची
सब मिल कर मंगल गाओ, आज है जगराता (पूरे बोल)
सब मिल कर मंगल गाओ,
आज है जगराता,
तुम प्रेम से माँ को मनाओ,
आज है जगराता ॥
जगराते में देखो गणपति आए है,
संग वो अपने रिद्धि सिद्धि को लाए है,
जिन्हे देख के मन मेरा है हरषाता,
तुम प्रेम से माँ को मनाओ,
आज है जगराता ॥
जगराते में देखो मोहन आए है,
संग वो अपने राधा को भी लाए है,
रूप मोहना इनका सबको है भाता,
तुम प्रेम से माँ को मनाओ,
आज है जगराता ॥
जगराते में ब्रह्मा विष्णु आए है,
संग अपने शिव शंकर को भी लाए है,
इनके चरणों का यश देखो जग गाता,
तुम प्रेम से माँ को मनाओ,
आज है जगराता ॥
सब मिल कर मंगल गाओ,
आज है जगराता,
तुम प्रेम से माँ को मनाओ,
आज है जगराता ॥
सब मिल कर मंगल गाओ, आज है जगराता का भाव
सब मिल कर मंगल गाओ, आज है जगराता माता रानी की भक्ति में गाया जाने वाला लोकप्रिय भजन है। इसे विशेष रूप से नवरात्रि, जागरण और माता की चौकी के समय श्रद्धा से गाया जाता है।
सब मिल कर मंगल गाओ, आज है जगराता में भक्त और आराध्य के बीच निकटता, विश्वास और भक्ति की सहज अभिव्यक्ति दिखाई देती है। इसके बोल सामूहिक गायन में भी बहुत मधुर लगते हैं और व्यक्तिगत भक्ति में भी मन को स्थिर करते हैं।
- भजन के बोल स्मरण और समर्पण का भाव मजबूत करते हैं।
- सामूहिक गायन में इसकी लय और भाव भक्तों को जोड़ते हैं।
- घर, सत्संग और मंदिर में इसे सहज रूप से गाया जा सकता है।
सब मिल कर मंगल गाओ, आज है जगराता कब और कैसे गाएँ
भजन गाते समय शुद्ध उच्चारण, सरल लय और श्रद्धा का भाव सबसे अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है।
1. उपयुक्त अवसर
- नवरात्रि, जागरण और माता की चौकी के समय यह भजन गाना उपयुक्त रहता है।
- शुक्रवार के दिन भी कई भक्त इस भजन को विशेष रूप से गाते हैं।
- मंदिर, परिवारिक पूजा, संकीर्तन या भक्तिगीत कार्यक्रम में इसे शामिल किया जा सकता है।
2. गायन की तैयारी
- भजन से पहले कुछ क्षण शांत बैठकर आराध्य का स्मरण करें।
- यदि समूह में गा रहे हों तो एक समान लय रखें।
- भजन के साथ ताली, मंजीरा या साधारण कीर्तन शैली अपनाई जा सकती है।
3. भजन के बाद
- छोटी प्रार्थना, आरती या नामस्मरण जोड़ना अच्छा माना जाता है।
- कुछ क्षण शांत मन से आराध्य का ध्यान करें।
भजन से जुड़ी जानकारी
सब मिल कर मंगल गाओ, आज है जगराता एक लोकप्रिय भक्ति प्रस्तुति के रूप में अनेक भक्तों द्वारा गाया जाता है।
सब मिल कर मंगल गाओ, आज है जगराता से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
सब मिल कर मंगल गाओ, आज है जगराता किस भाव से गाया जाता है?
सब मिल कर मंगल गाओ, आज है जगराता कब गाया जाता है?
क्या सब मिल कर मंगल गाओ, आज है जगराता घर पर भी गाया जा सकता है?
क्या सब मिल कर मंगल गाओ, आज है जगराता के साथ अन्य पाठ भी किए जा सकते हैं?
निष्कर्ष
सब मिल कर मंगल गाओ, आज है जगराता भजन श्रद्धा, स्मरण और मधुर गायन का सुंदर संगम है। इसके पूरे बोल, भक्ति भाव और गायन अवसर को समझकर इसे अधिक आत्मीयता से गाया जा सकता है।