भजन
शिव स्तुति: आशुतोष शशाँक शेखर (Shiv Stuti: Ashutosh Shashank Shekhar Lyrics in Hindi) - पूरे लिरिक्स, भाव और गायन जानकारी
शिव स्तुति: आशुतोष शशाँक शेखर शिव जी की भक्ति में गाया जाने वाला लोकप्रिय भजन है। इसे विशेष रूप से महाशिवरात्रि, सावन और शिव भजन संध्या के समय श्रद्धा से गाया जाता है।
शिव स्तुति: आशुतोष शशाँक शेखर के बोल भक्त के मन में विनम्रता, स्मरण और समर्पण का भाव जगाते हैं। यह भजन शिव जी की आराधना में मधुर भक्ति वातावरण बनाता है।
इसे विशेष रूप से महाशिवरात्रि, सावन और शिव भजन संध्या के समय श्रद्धा के साथ गाया जाता है और सोमवार के दिन भी इसे कई भक्त पढ़ते या गाते हैं।
यह भजन-पृष्ठ भक्ति पठन और गीत-संदर्भ और भक्ति-सहयोग के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है। अनेक भजन लोकप्रचलित, पारंपरिक या अलग-अलग प्रस्तुतियों में प्रचलित हो सकते हैं। मूल बोल, पारंपरिक रचना-अधिकार या विशिष्ट प्रस्तुति-अधिकार संबंधित स्रोतों के हो सकते हैं; Hindi Chalisa केवल सुव्यवस्थित भक्ति प्रस्तुति प्रदान करता है।
विषय सूची
शिव स्तुति: आशुतोष शशाँक शेखर (पूरे बोल)
आशुतोष शशाँक शेखर,
चन्द्र मौली चिदंबरा,
कोटि कोटि प्रणाम शम्भू,
कोटि नमन दिगम्बरा ॥
निर्विकार ओमकार अविनाशी,
तुम्ही देवाधि देव,
जगत सर्जक प्रलय करता,
शिवम सत्यम सुंदरा ॥
निरंकार स्वरूप कालेश्वर,
महा योगीश्वरा,
दयानिधि दानिश्वर जय,
जटाधार अभयंकरा ॥
शूल पानी त्रिशूल धारी,
औगड़ी बाघम्बरी,
जय महेश त्रिलोचनाय,
विश्वनाथ विशम्भरा ॥
नाथ नागेश्वर हरो हर,
पाप साप अभिशाप तम,
महादेव महान भोले,
सदा शिव शिव संकरा ॥
जगत पति अनुरकती भक्ति,
सदैव तेरे चरण हो,
क्षमा हो अपराध सब,
जय जयति जगदीश्वरा ॥
जनम जीवन जगत का,
संताप ताप मिटे सभी,
ओम नमः शिवाय मन,
जपता रहे पञ्चाक्षरा ॥
आशुतोष शशाँक शेखर,
चन्द्र मौली चिदंबरा,
कोटि कोटि प्रणाम शम्भू,
कोटि नमन दिगम्बरा ॥
कोटि नमन दिगम्बरा..
कोटि नमन दिगम्बरा..
कोटि नमन दिगम्बरा..
शिव स्तुति: आशुतोष शशाँक शेखर का भाव
शिव स्तुति: आशुतोष शशाँक शेखर शिव जी की भक्ति में गाया जाने वाला लोकप्रिय भजन है। इसे विशेष रूप से महाशिवरात्रि, सावन और शिव भजन संध्या के समय श्रद्धा से गाया जाता है।
शिव स्तुति: आशुतोष शशाँक शेखर में भक्त और आराध्य के बीच निकटता, विश्वास और भक्ति की सहज अभिव्यक्ति दिखाई देती है। इसके बोल सामूहिक गायन में भी बहुत मधुर लगते हैं और व्यक्तिगत भक्ति में भी मन को स्थिर करते हैं।
- भजन के बोल स्मरण और समर्पण का भाव मजबूत करते हैं।
- सामूहिक गायन में इसकी लय और भाव भक्तों को जोड़ते हैं।
- घर, सत्संग और मंदिर में इसे सहज रूप से गाया जा सकता है।
शिव स्तुति: आशुतोष शशाँक शेखर कब और कैसे गाएँ
भजन गाते समय शुद्ध उच्चारण, सरल लय और श्रद्धा का भाव सबसे अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है।
1. उपयुक्त अवसर
- महाशिवरात्रि, सावन और शिव भजन संध्या के समय यह भजन गाना उपयुक्त रहता है।
- सोमवार के दिन भी कई भक्त इस भजन को विशेष रूप से गाते हैं।
- मंदिर, परिवारिक पूजा, संकीर्तन या भक्तिगीत कार्यक्रम में इसे शामिल किया जा सकता है।
2. गायन की तैयारी
- भजन से पहले कुछ क्षण शांत बैठकर आराध्य का स्मरण करें।
- यदि समूह में गा रहे हों तो एक समान लय रखें।
- भजन के साथ ताली, मंजीरा या साधारण कीर्तन शैली अपनाई जा सकती है।
3. भजन के बाद
- छोटी प्रार्थना, आरती या नामस्मरण जोड़ना अच्छा माना जाता है।
- कुछ क्षण शांत मन से आराध्य का ध्यान करें।
भजन से जुड़ी जानकारी
शिव स्तुति: आशुतोष शशाँक शेखर एक लोकप्रिय भक्ति प्रस्तुति के रूप में अनेक भक्तों द्वारा गाया जाता है।
शिव स्तुति: आशुतोष शशाँक शेखर से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
शिव स्तुति: आशुतोष शशाँक शेखर किस भाव से गाया जाता है?
शिव स्तुति: आशुतोष शशाँक शेखर कब गाया जाता है?
क्या शिव स्तुति: आशुतोष शशाँक शेखर घर पर भी गाया जा सकता है?
क्या शिव स्तुति: आशुतोष शशाँक शेखर के साथ अन्य पाठ भी किए जा सकते हैं?
निष्कर्ष
शिव स्तुति: आशुतोष शशाँक शेखर भजन श्रद्धा, स्मरण और मधुर गायन का सुंदर संगम है। इसके पूरे बोल, भक्ति भाव और गायन अवसर को समझकर इसे अधिक आत्मीयता से गाया जा सकता है।