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तेरे पूजन को भगवान, बना मन मंदिर आलीशान (Tere Pujan Ko Bhagwan Lyrics in Hindi) - पूरे लिरिक्स, भाव और गायन जानकारी
तेरे पूजन को भगवान, बना मन मंदिर आलीशान श्रीकृष्ण की भक्ति में गाया जाने वाला लोकप्रिय भजन है। इसे विशेष रूप से जन्माष्टमी, कीर्तन और रास उत्सव के समय श्रद्धा से गाया जाता है।
तेरे पूजन को भगवान, बना मन मंदिर आलीशान के बोल भक्त के मन में विनम्रता, स्मरण और समर्पण का भाव जगाते हैं। यह भजन श्रीकृष्ण की आराधना में मधुर भक्ति वातावरण बनाता है।
इसे विशेष रूप से जन्माष्टमी, कीर्तन और रास उत्सव के समय श्रद्धा के साथ गाया जाता है।
यह भजन-पृष्ठ भक्ति पठन और गीत-संदर्भ और भक्ति-सहयोग के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है। अनेक भजन लोकप्रचलित, पारंपरिक या अलग-अलग प्रस्तुतियों में प्रचलित हो सकते हैं। मूल बोल, पारंपरिक रचना-अधिकार या विशिष्ट प्रस्तुति-अधिकार संबंधित स्रोतों के हो सकते हैं; Hindi Chalisa केवल सुव्यवस्थित भक्ति प्रस्तुति प्रदान करता है।
विषय सूची
तेरे पूजन को भगवान, बना मन मंदिर आलीशान (पूरे बोल)
तेरे पूजन को भगवान,
बना मन मंदिर आलीशान ।
किसने जानी तेरी माया,
किसने भेद तुम्हारा पाया ।
हारे ऋषि मुनि कर ध्यान,
बना मन मंदिर आलीशान ॥
तू ही जल में तू ही थल में,
तू ही मन में तू ही वन में ।
तेरा रूप अनूप महान,
बना मन मंदिर आलीशान ॥
तू हर गुल में तू बुलबुल में,
तू हर डाल के हर पातन में ।
तू हर दिन में मूर्तिमान,
बना मन मंदिर आलीशान ॥
तूने राजा रंक बनाए,
तूने भिक्षुक राज बैठाये ।
तेरी लीला अजब महान,
बना मन मंदिर आलीशान ॥
झूठे जग की झूठी माया,
मूरख इसमें क्यों भरमाया ।
कर जीवन का शुभ कल्याण,
बना मन मंदिर आलीशान ॥
तेरे पूजन को भगवान,
बना मन मंदिर आलीशान ।
किस ने देखि तेरी सूरत,
कौन बनावे तेरी मूरत ।
तू है निराकार भगवान,
बना मन मंदिर आलीशान ॥
पर्वत घाटी नदी समंदर,
तू रमता इन सब के अन्दर ।
तेरे बस में सकल जहान,
बना मन मंदिर आलीशान ॥
तू हैं वन में, तो प्राणन में,
तू तरु तरु के पातन में ।
कोई ना दूजा तेरे सामान,
बना मन मंदिर आलीशान ॥
जल में थल में तू ही समाया,
सब जग तेरा जलवा छाया ।
तू है, घट घट के दरमियान,
बना मन मंदिर आलीशान ॥
सूरज तेरी महिमा गावे,
चंदा तुझ पर बलि बलि जावे ।
इश्वर कर सब का कल्याण,
बना मन मंदिर आलीशान ॥
तेरे पूजन को भगवान, बना मन मंदिर आलीशान का भाव
तेरे पूजन को भगवान, बना मन मंदिर आलीशान श्रीकृष्ण की भक्ति में गाया जाने वाला लोकप्रिय भजन है। इसे विशेष रूप से जन्माष्टमी, कीर्तन और रास उत्सव के समय श्रद्धा से गाया जाता है।
तेरे पूजन को भगवान, बना मन मंदिर आलीशान में भक्त और आराध्य के बीच निकटता, विश्वास और भक्ति की सहज अभिव्यक्ति दिखाई देती है। इसके बोल सामूहिक गायन में भी बहुत मधुर लगते हैं और व्यक्तिगत भक्ति में भी मन को स्थिर करते हैं।
- भजन के बोल स्मरण और समर्पण का भाव मजबूत करते हैं।
- सामूहिक गायन में इसकी लय और भाव भक्तों को जोड़ते हैं।
- घर, सत्संग और मंदिर में इसे सहज रूप से गाया जा सकता है।
तेरे पूजन को भगवान, बना मन मंदिर आलीशान कब और कैसे गाएँ
भजन गाते समय शुद्ध उच्चारण, सरल लय और श्रद्धा का भाव सबसे अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है।
1. उपयुक्त अवसर
- जन्माष्टमी, कीर्तन और रास उत्सव के समय यह भजन गाना उपयुक्त रहता है।
- मंदिर, परिवारिक पूजा, संकीर्तन या भक्तिगीत कार्यक्रम में इसे शामिल किया जा सकता है।
2. गायन की तैयारी
- भजन से पहले कुछ क्षण शांत बैठकर आराध्य का स्मरण करें।
- यदि समूह में गा रहे हों तो एक समान लय रखें।
- भजन के साथ ताली, मंजीरा या साधारण कीर्तन शैली अपनाई जा सकती है।
3. भजन के बाद
- छोटी प्रार्थना, आरती या नामस्मरण जोड़ना अच्छा माना जाता है।
- कुछ क्षण शांत मन से आराध्य का ध्यान करें।
भजन से जुड़ी जानकारी
तेरे पूजन को भगवान, बना मन मंदिर आलीशान एक लोकप्रिय भक्ति प्रस्तुति के रूप में अनेक भक्तों द्वारा गाया जाता है।
तेरे पूजन को भगवान, बना मन मंदिर आलीशान से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
तेरे पूजन को भगवान, बना मन मंदिर आलीशान किस भाव से गाया जाता है?
तेरे पूजन को भगवान, बना मन मंदिर आलीशान कब गाया जाता है?
क्या तेरे पूजन को भगवान, बना मन मंदिर आलीशान घर पर भी गाया जा सकता है?
क्या तेरे पूजन को भगवान, बना मन मंदिर आलीशान के साथ अन्य पाठ भी किए जा सकते हैं?
निष्कर्ष
तेरे पूजन को भगवान, बना मन मंदिर आलीशान भजन श्रद्धा, स्मरण और मधुर गायन का सुंदर संगम है। इसके पूरे बोल, भक्ति भाव और गायन अवसर को समझकर इसे अधिक आत्मीयता से गाया जा सकता है।